Saturday, June 30, 2012

दोस्तों आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार  !आशा करता हूँ आप सभी  आनंदमय जीवन व्यतीत कर रहे होंगे
आप सब से  बहूत दिनों के बाद मुखातिब हो रहा हूँ  लिए माफ़ी चाहता हूँ 

 मै Dish Tv में कार्यरत हूँ ...आशा करता हूँ  आप सबसे फिर  मुखातिब होऊंगा अपनी कोई नयी रचना के साथ , तब तक के लिए आप सब से: इजाजत चाहता हूँ 

Monday, April 9, 2012

हमारा समाज किस तरफ ?

आज के दौर में हम और हमारा समाज किस तरफ हम सब को ले के जा रहा है , ये एक चिंता का विषय बन कर रह गया है .हर एक चीज की कीमत इस तरह से बढ़ चुकी है के हमारे और आप के पहुच के बहार होती जा रही है .

क्या वोह दिन अब आ गया है जब हंस चुगेगा दाना और कुआ मोती खायेगा ? जी हाँ ऐसा प्रतीत हो रहा हा आज के समाज को देख कर के जो व्यक्ति मेहनत काश है वोह तो हर तरह से परेशान है और जो लोग झूठे मक्कार और बेईम्मान है उनके पास अपार संपत्ति का ढेर होता जा रहा है ?


सवाल सबसे बड़ा यह है के आखिर कब तक .......? आज के दौर में भाई भाई का दुसमन है बाप को अपने बेटे पर भरोसा नहीं है ...और तो और बीवी को अपने सौहर पर और सौहर को अपनी बीवी पर से यकीं उठता जा रहा है ...


यह बहूत ही गंभीर सवाल बन चूका है के आज का समाज मानव जाती किस तरफ कदम बाधा रहा है...


हर तरफ असान्ति ही असान्ति है ...आज पूरा विश्व के सामने ऐसे बहुत से सवाल मुह बाये खड़ा है ....और इस का जवाब धुंध रहा है पैर जवाब नहीं मिल पा रहा है ..................



Saturday, March 24, 2012

kabhi na kabhi

aam taur pe aadmin is kash makash ki jindagi me apni safalta ke liye har dam prayaash to karta hi hai

isi ummeed pe ke sayed aaj nahi to kal sahi kabhi na kabhi to safalta milegi hi , aur wahi main bhi kar raha hoon.

dekhe kab aur kitne samay ke baad safalta haath lagati hai

Monday, January 9, 2012

कैसे कैसे लोग

धरती पे वैसे तो हर तरह के लोग है ...लेकिन कुछ लोग सिर्फ अपने लिए जीते है और दुसरे को तुच्छ समझते है ...लेकिन साथ ही वे इस कडुए सच को नजरअंदाज करदेते है के अपने लिए अगर कोई जीता है तो वो कुत्ता ज्यादा इंसान कम होता है ...कों की इंसान तो वो है जिसको इस्वर ने सोचने समझने की सकती ज्यादा दी है ...अगर कोई इंसान भी जानवरों की तरह व्यवहार करने लगे तो समझो उसके अन्दर जानवरों के गुण आगये है आदमी के नहीं ... और धीर धीरे वह स्वार्थ ही में इस तरह से डूब जाता हा के एक दिन वह इंसान से जानवर बन जाता है ...लेकिन जब तक वोह होश में आता है तबतक तो बहूत देर हो चुकी होती है ....इसलिए दूसरों के लिए भी जी कर देखो भी असली जिंदगी का मजा मिलेगा और तभी जिंदगी जीने लायेक बन जाती है ....

आपसब को नए साल की बहुत बहुत सुभकामनाये ........

रियाज़ बघकोली 

Saturday, August 13, 2011

मेरी तरफ  से सभी देश वाशियो को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक सुभकामनायें .... 

Thursday, June 30, 2011

चलो अच्छा  ही हुआ, उस जॉब को आखिरकार हमने बदल ही डाला और एक नए एक्सपेरिएंस को हासिल करने का मौका भी मिल गया ...जॉब तो मिल गयी और साथ ही दो महीने के अन्दर गाँव घुमने का दूसरा मौका भी ....अभी २९ जून २०११ को फिर से हम पुरे परिवार के साथ दिल्ली आ पहुचे है .....................

Friday, May 6, 2011

दो साल के बाद घर जाने का एक सुनहरा मौका मिला मेरे साले साहब की शादी थी ...और घर पे कुछ और भी कुछ जरूरी काम ...बहुत आनंद आया घर पे सभी लोगो से मिलकर ...दिल्ली वापिस आने का दिल ही नहीं कर रहा था ...लेकिन जब दिल्ली वापिस आया जिस जॉब की वजह से वो जॉब तो छुट्टियों की वजह से ही जाती रही ...खैर इन्साल्लाह दूसरी जॉब इससे अच्छी मिलेगी मुझे  पूरी उम्मीद है .....