Monday, July 22, 2013



Flower - Roses, natural Free Photo

इन कातिल निगाहों ने जाने किस किस  को  घायल कर डाला !
जिस जिस को प्यार से देख लिया उस उस को घायल कर डाला !!
Tropical Flowers Gallery



रहने लगे हम आजकल बनकर अजनबी की तरह !
जैसे के कभी मिले ही न हों आसमां और जमीं की तरह !!


Daisy Flower Pictures


दिल की दास्ताँ तुम्ही से शुरू हुई तुम्ही पे ख़तम !

ऐ  डगर  जहाँसे शुरू हुई वहीँ पे ख़तम !!


Valentine Flower Pictures


चेहरे पे मुस्कराहट पर आँखें हैं नम !
कोई मेरे दिल से पूछे के इसमें कितना है गम !!

Tulip Flower Pictures


किस बात से नाराज हो किस बात का है गम !
आप के चेहरे की उदासी से बहुत परेशान हैं हम !!

Friday, June 14, 2013



House boat in backwaters near palms at dramatic sunset sky in alappuzha, Kerala, India - stock photo

आज का मौसम तो इतना खुशगवार है की इसे सब्दो में बयां करना आसान नहीं ....आखिरकार बहुत दिनों के बाद इस तपती गर्मी से राहत देने के लिए दिल्ली में इस साल की पहली बारिश जो हो गयी ...वाह !वाह ! क्या बात है ....बच्चो की तो
खुशिओं का भण्डार मिल गया हो खूब झूम झूम कर बारिश में नहा रहे है ...मेरी भी आज छुट्टी है इसलिए मुझे भी इन बच्चों को खुश देखकर बेहद खुशी हो रही है ...

Tuesday, June 4, 2013

फ़रवरी 2013 के 21 तारीख को रोशन की अम्मी दिल्ली आई और अप्रैल के महीने में हम सब गाँव जाने का प्रोग्राम 
कभी हां कभी ना करते करते बना लिया ...और हम सब बघाकोल पहुँच गए ......इसी बिच गाँव में शमीम के भाई मुन्ना की शादी थी ......सो उसकी बरात में शामिल हो लिए .....इसी दौरान एक दिन मै जब अपने घर में दाखिल हुआ ....तो आदतन 
हमीदा बाजी आदतन मुझसे बहस करने लगी ......फिर क्या था मेरा बहनोई बिच में टपक पड़ा और फिर कहा सुनी हो गई ....इतने से ही मन मन नहीं भरा तो मुझे अकेला पाकर मारने के लिए उठा ......लेकिन एकराम ने बिच बचाव किया .....

इस बात की इत्तला मैंने बड़े भाई अब्बास भैया को दिया जो फुलवारी शरीफ में रहते है ....गौर तलब है की ये सब जो कुछ भी 
हो रहा है ग्यास भैया की वजह से हो रहा है , कयोंकि उनहोंने ने ही हमीदा बाजी को सह दे रखा है .....
अब्बास भैया तो चाहते है की जमीन का बटवारा दुबारा से हो .......लेकिन ग्यास भैया जो दिल्ली में रहते है ये दुबारा से बटवारा  करना नहीं चाहते कयोंकि ग्यास भैया के नियत में खोट है .....
इस बात की शिकायत मैंने गाँव के मुखिया जी से की और सभी फरीकों को बुलाया ...लेकिन ग्यास भैया हाजिर नहीं हुए लेकिन मुखिया जी से सितम्बर में घर आने का वायदा किया .....इस तरह से दुबारा से बटवारा फिर टल गया .....इस तरह 
हम अपने परिवार को लेकर जल्दी ही वापस आ गए ...