Sunday, June 12, 2016


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दोस्तों बहुत दिनों के बाद मैं एक बार फिर से आप सब के  मुखातिब हुआ हूँ।
वैसे तो जिंदगी में कुछ ख़ास नहीं बदला है लेकिन बदल गई है तो मेरी इससे पहले वाली नौकरी बहरहाल मुझे नौकरी को अलविदा कहना पड़ा क्योंकि dishtv ने अपना ज्यादातर प्रोसेस को आउटसोर्स कर दिया।  फलस्वरूप बहुत से लोगों के साथ मैं भी कुछ दिनों के लिए बेरोजगार हो गया था।  लेकिन एक कंपनी मैंने ज्वाइन किया है अगर सबकुछ अच्छा चलता रहा तो आप सबके साथ फिर मिलूंगा और इसी  तरह से अपने बारे में और भी कुछ इसी  ब्लॉग के माधयम से शेयर करता रहूँगा।  उम्मीद पे दुनिया कायम है इसीलिए जिंदगी के इस सफर को उम्मीदों की नयी उचाईयों तक ले जाने का सपना देखते रहना भी जरूरी है. तो इसी उम्मीद के साथ कभी न ख़त्म होने वाली उम्मीद के साथ जिंदगी को जीते चलते जाना है।  शायद  कभी न कभी कहीं न कहीं कामयाबी तो मिल ही जायेगी. खुदा  हाफ़िज़ 

Thursday, April 7, 2016

बिहार में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध एक सराहनीय और ऐतिहासिक कदम.

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माननिये मुख्यमंत्री नितीश कुमार जी द्वारा बिहार में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाना  एक सराहनीय और ऐतिहासिक कदम है.

वैसे इस कदम से राज्य के राजस्व पर भार तो जरूर पड़ेगा लेकिन एक स्वस्थ समाज के लिए यह एक उचित कदम है. इससे हमारा बिहार न सिर्फ एक अच्छा और परिपक्व राज्य बनेगा परन्तु अपराध पर भी लगाम स्वयं ही लगेगा. क्योंकि ज्यादातर अपराध नशे की हालत में ही होता है और खाश कर घरेलु झगडे.

माननिये नितीश कुमार जी ने जो यह कदम उठाया है इसके परिणाम बहुत ही अच्छे होंगे और हमारा बिहार प्रगति के पथ पर तीब्र गति से अग्रसर होगा.
मुझे पूर्ण बिस्वास है की  देश के बाकी राज्य भी शराब पर पूर्णतः प्रतिबन्ध करने पर विचार विमर्श करेंगे.
इससे हमारा देश शराब मुक्त हो सकेगा। और हमारे देश का समाज स्वस्थ और समृद्ध हो सकेगा .

Monday, June 8, 2015

रमजान का महीना



आने वाला रमजान का महीना सभी को मुबारक !

वैसे तो ये महीना मजहब-ए -इस्लाम के मुताबिक दूसरे महीनो से ज्यादा अफजल माना गया है.
इस महीने में किया गया इबादत और महीनो के इबादत के मुकाबले ज्यादा सवाब देने वाला होता है.
नमाज इबादत का सर्वोत्तम तरीका तो है ही इससे तन और मन दोनों को शांति भी मिलती है
साथ ही नमाज स्वस्थ्य के लिए भी बहुत लाभप्रद है।

नमाज हमारे तन मन को स्वक्छ रखने का एक इस्लामिक एवं वैज्ञानिक तरीका भी है।
कयोकि हर नमाज से पहले वजू करना मतलब शरीर के मुख्या अंगों की अच्छी तरह से सफाई करना होता है.
रमजान के महीने में रखा जाने वाला रोजा भी मानव जीवन के लिए अति आवस्यक है।

कयोकि ये हमें इबादत के साथ ही साथ ये भी सिखाता है की गरीबी के कारण जिस घर में किसी दिन चूल्हा
नहीं जलने के कारण जिन्हे भूखे पेट सोना पड़ता है , वैसे लोगो की मदत करनी चाहिए।

रोजा रखना मात्र भूखे रहने का नाम नहीं है बल्कि सम्पूर्ण रोजा अपने आप में तबतक नहीं होता जबतक पेट के साथ साथ शरीर के अन्य अंगों का रोजे में उतना ही योगदान न हो, जितना की  पेट का।

मशलन आँख का रोजा , मुंह का रोजा ,नाक का रोजा , दिमाग का रोजा ,हाथ का रोजा , पैर का रोजा इत्यादि।
रोजा रखने से हमारे शरीर में जमा अति आवश्यक तत्व संतुलित हो जाता है , और फिर शरीर चुस्त एवं
दुरुस्त रहता है।
दूसरी तरफ चुकी नमाज अपने आप में एक बहुत बड़ा योगा है , अतः प्रतिदिन नमाज पढ़ने वाला वयक्ति संभवतः अधिकाधिक रोगों से मुक्त रहता है.

अतः नमाज अल्लाह की इबादत के साथ साथ हमें एक स्वक्छ एवं रोगमुक्त जीवन जीने की राह दिखलाती है।






Friday, December 19, 2014

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धर्मान्तरण अगर स्वेक्षा से किया गया हो तो उचित है। 
लेकिन अगर धर्मान्तरण छल , कपट ,लालच और जबरन कराया 
गया है तो यह अनुचित , संविधान के विरुद्ध है। साथ ही 
धर्म का अनादर भी कयोकि अगर किसी का धर्म हिन्दू से मुसलमान जबरन 
कराया गया हो तो क्या वो व्यक्ति मस्ज़िद  जाकर दिल से नमाज पढ़  पाएगा ?
बिलकुल नहीं। इसी प्रकार अगर किसी मुसलमान को जबरन  
हिन्दू  बनाया गया हो तो क्या वह व्यक्ति मंदिर जाकर दिल से पूजा 
 करेगा ?  नहीं। 

Tuesday, October 28, 2014


cityscape of Bikaner, old indian City in Rajasthan with a famous fort in sunset - stock photo



हिंदुस्तान एक ऐसा देश  है जो अपने अंदर अनेक धर्म जाति सम्प्रदाय और बिभिन्न भाषा भाषी तथा अनेकानेक
संस्कृतियों  को  समेटे हुए है।

अतः हम सभी भारतियों का  यह कर्तब्य बनता है की इसकी रक्षा का हर संभव प्रयत्न करें।
और जो कोई भी हमारे किसी भी धर्म सम्प्रदाय के खिलाफ बात करे उसका बिरोध होना चाहिए।

कयोंकि जो कोई भी हमारी संस्कृति को मिटाने की बात करता हो तो समझो वह हमारे देश की पहचान को
मिटाने की कोशिश कर रहा है। अतः ऐसे  लोगो से सावधान रहने की जरूरत है। 

Sunday, September 28, 2014






हिन्दुस्तान में  मुसलमानो के पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण शिक्षा और शिक्षा के
संसाधनो में कमी का होना है।

इसका सबसे बड़ा उदाहरण है हिन्दुस्तान के अधिकतर विद्यालयों में उर्दू अध्यापको का न होना।
आज जरूत इस बात की है की अगर सरकार मुसलमानो को देश की मुख्य धारा में लाना चाहती है ,
तो सबसे पहले मुसलमानो के शिक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।

क्योंकि देश का विकाश तभी संभव है जब सबका विकाश होगा।

Tuesday, September 9, 2014


easy to edit vector illustration of Indian map formed by different cultural symbol - stock vector



आज हमें धर्म   जात पात की राजनीती से ऊपर उठकर देश की विकास
की बात करनी चाहिए। परन्तु बड़े अफसोश की बात है की कुछ राजनितिक पार्टियां अपने
राजनीतक स्वार्थ के लिए जात पात और मजहब की राजनीति कर रहे है। जो सिर्फ समाज के
लिए ही नहीं बल्लिक संपूर्ण मानव जाती के लिए घातक है।